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नई सुबह की आस बंधाती है ‘सुबेरौ घाम’
फिल्म समीक्षा ‘महिला की पीठ पर टिका है पहाड़’ यह सच, हालिया रिलीज गढ़वाली फीचर फिल्म ‘सुबेरौ घाम’ की ‘गौरा’…
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ये जो निजाम है
ये जो निजाम है तुझको माफ़ कर देगा खुद सोच क्या तू खुद को माफ़ कर देगा बारिशों में भीग…
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मैं हंसी नहीं बेचता
जी हां मैं हंसी नहीं बेचता न हंसा पाता हूं किसी को क्योंकि मुझे कई बार हंसने की बजाए रोना…
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गैरा बिटि सैंणा मा
उत्तराखण्ड की जनसंख्या के अनुपात में गैरसैंण राजधानी के पक्षधरों की तादाद को वोट के नजरिये से देखें तो संतुष्ट…
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लंपट युग में आप और हम
बड़ा मुश्किल होता है खुद को समझाना, साझा होना और साथ चलना। इसीलिए कि ‘युग’ जो कि हमारे ‘चेहरे’…
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वह आ रहा है अभी..
कुछ लोग कह रहे हैं तुम मत आओ वह आ रहा है अभी उसके आने से पहले तुम आओगे, तो…
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भ्रष्टाचार, आदत और चलन
समूचा देश भ्रष्टाचार को लेकर आतंकित है, चाहता है कि भ्रष्टाचार खत्म हो जाए। मगर, सवाल यह कि भ्रष्टाचार आखिर…
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