-
आधुनिक गढ़वाळी कविता का इतिहास
गढवाली भाषा का प्रारम्भिक काल गढवाली भाषायी इतिहास अन्वेषण हेतु कोई विशेष प्रयत्न नही हुए हैं, अन्वेषणीय वैज्ञानिक आधारों पर…
Read More » -
समौ
चंदरु दिल्ली बिटि घौर जाणों तय्यार छौ, अर वेका गैल मा छौ तय्यार ’झबरु’। झबरु उमेद कु पाळ्यूं कुत्ता छौ।…
Read More » -
शब्द हैं……
पहरों में कुंठित नहीं होते शब्द मुखर होते हैं गुंगे नहीं हैं वे बोलते हैं शुन्य का भेद खोलते हैं उनके…
Read More » -
श्री बदरीनाथ सुप्रभातम्
1. लक्ष्मीविलास नरसिंह गुणाकरेश बैकुण्ठ केशव जनार्दन चक्रपाणे। भक्तार्तिनाशन हरे मधुकैटभारे भूयात् बदर्यधिपते तब सुप्रभातम्।। 2. लक्ष्मीः प्रसन्नवदना जगदाद्यशक्तिः…
Read More » -
कागजि विकास
घाम लग्युं च कागजि डांडों काडों कि च फसल उगिं आंकड़ों का बांगा आखरुं मा उखड़ कि भूमि सेरा बणिं…
Read More » -
पहाड़ का सबसे बड़ा सवाल
उतराखंड और हिमालय के सबसे बड़े सामाजिक और राजनितिक प्रश्न यानि पहाड़ के गाँव के पलायन और उत्तरजीविता पर एक…
Read More » -
उत्तराखण्ड बणौंण हमुन्
अब कैकू नि रोण हमुन उत्तराखण्ड बणौंण हमुन उजाड़ कुड़ि पुंगड़्यों तैं उदास अळ्सी मुखड़्यों तैं फूल अरोंगि पंखड़्यों तैं…
Read More » -
गांधीवाद
सि बिंगौंणा छन गांधीवाद अपनावा बोट देण का बाद गांधी का तीन बांदरूं कि तरां आंखा-कंदुड़/ अर मुक बुजिद्यावा Source…
Read More » -
स्वतंत्रता का इस्तेमाल सब कर रहे हैं
अयोध्या पर फैसला आ चुका है। हर कोई पचाने में लगा है। कुछ खुश होकर तो कुछ नाखुशी के साथ।…
Read More » -
सांत्वना
दो पीढ़ियों का इन्तजार आयेगा कोई समझायेगा कि उनके आ जाने तक भी नहीं आया था विकास गांव वाले रास्ते…
Read More »