आलेख
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नक्षत्र वेधशाला को विकसित करने की जरूरत
अखिलेश अलखनियां/- सन् 1946 में शोधार्थियों और खगोलशास्त्र के जिज्ञासुओं के लिए आचार्य चक्रधर जोशी जी द्वारा दिव्य तीर्थ देवप्रयाग…
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गढ़वाली-कुमाउंनी फिल्मों के लिए विश्व सिनेमा की प्रासंगिकता
– भीष्म कुकरेती प्रसिद्ध डौक्युमेंट्री रचनाधर्मी पॉल रोथा का सन 1930 में कहा थां जो आज भी तर्कसंगत है कि…
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उत्तराखंड में पारंपरिक बीज भंडारण विधियां और उपकरण
डॉ. राजेन्द्र डोभाल – मेरे लिए उत्तराखंड अपने अद्भुत व समृद्ध पारंपरिक ज्ञान के लिए हमेशा से एक शोध का…
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नई इबारत का वक्त
हाल के वर्षों में पहाड़ों में रिवर्स माइग्रेशन एक उम्मीद बनकर उभरा है। प्रवासी युवाओं का वापस पहाड़ों की तरफ…
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बारहनाजा : पर्वतजनों के पूर्वजों की सोच की उपज
डा0 राजेन्द्र डोभाल उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य तथा अनुकूल जलवायु होने के कारण एक कृषि प्रधान राज्य भी माना जाता…
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पहाड़ फिर करवट ले रहा है
पहाड़ फिर करवट ले रहा है। युवा चेतना के साथ। वह बेहतर समाज के सपने संजोना चाहता है। वह समतामूलक…
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‘लोक’ की भाषा और संस्कृति को समर्पित किरदार
ब्यालि उरडी आई फ्योंली सब झैड़गेन/किनगोड़ा, छन आज भी हंसणा…। बर्सु बाद मी घौर गौं, अर मेरि सेयिं कुड़ि बिजीगे…।…
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खाली होते गांवों से कैसे बचेगा हिमालय !
पलायन रोकने की न नीति न प्लान, तो फिर हिमालय दिवस पर कोरे संकल्प क्यों? उत्तराखंड में हाल में ‘हिमालय को…
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स्वैच्छिक चकबंदी और बागवानी के प्रेरक बने ‘भरत’
उत्तरकाशी जिले के नौगांव विकासखंड अंतर्गत हिमरोल गांव के भरत सिंह राणा अपने क्षेत्र में लोगों को स्वैच्छिक चकबंदी के…
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वीर भड़ूं कू देस बावन गढ़ कू देस
वीर भड़ूं कू देस बावन गढ़ कू देस…, प्रख्यात लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी का यह गीत सुना ही होगा। जी…
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