साहित्य
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गढवाली भाषा में समालोचना/आलोचना/समीक्षा साहित्य
(गढवाली अकथात्मक गद्य-३) (Criticism in Garhwali Literature) यद्यपि आधिनिक गढवाली साहित्य उन्नीसवीं सदी के अंत व बीसवीं सदी के प्रथम…
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गढवाली भाषा साहित्य में साक्षात्कार की परम्परा
Intervies in garhwali Literature(गढवाली गद्य -भाग ३) साक्षात्कार किसी भी भाषा साहित्य में एक महत्वपूर्ण विधा और अभिवक्ति की एक…
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आधुनिक गढवाली भाषा कहानियों की विशेषतायें और कथाकार
(Characteristics of Modern Garhwali Fiction and its Story Tellers) कथा कहना और कथा सुनना मनुष्य का एक अभिन्न मानवीय गुण…
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गढ़वाली बोलने, सीखने को प्रेरित करती किताब
गढ़वाली भाषा की शब्द-संपदा इन दिनों रमाकांत बेंजवाल की गढ़वाली भाषा पर आधारित पुस्तक ‘गढ़वाली भाषा की शब्द-संपदा’ बेहद चर्चा…
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हाल
दाऽ स्यु बीति आजादी कु पचासुं साल ऊंड फुंड्वा खादी झाड़िक बणिगेन मालामाल/ अर हम स्यु छवां आज बि थेकळौं…
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गौं तलक
सड़क पौंछिगे मेरा गौं मोटर, कार, गाड़ी फैशन, नै रौ रिवाज फास्ट फूड, बर्गर हिन्दी, अंग्रेजी ज्यांकू ब्वल्दन् बल कि…
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बदलौअ
जंगळ् बाघूं कु अब जंगळ् ह्वेगेन जब बिटि जंगळ् हम खुणि पर्यटक स्थल ह्वेगेन बंदुक लेक हम जंगळ् गयां बाग/गौं…
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वेलेन्टाइन
हे वीं तू बि अदान छैं त्वेखुणि बि क्य ब्वन्न हैप्पी वेलेन्टाइन!! Copyright@ Dhanesh Kothari
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गैरसैंण जनता खुणि चुसणा च
जब बिटेन उत्तराखंड अन्दोलनै पवाण लग अर राज्यौ राजधनी छ्वीं लगी होली त गैरसैंण कु इ नाम गणेंगे। गैरसैंण राजधानी…
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