साहित्य

  • क्या फर्क पड़ता है

    ये इतनी लाशें किस की हैं क्यों बिखरी पड़ी हैं ये बच्चा किसका है मां को क्यों खोज रहा है….मां…

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  • मैं, इंतजार में हूं

    मैं, समझ गया हूं तुम भी, समझ चुके हो शायद मगर, एक तीसरा आदमी है जो, चौथे और पांचवे के…

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  • बेटियां

    कई बार देखा बेटियों को बेटा बनते हुए मगर, बेटे हर बार बेटे ही बने देखे इसलिए जोर देकर कहूंगा…

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  • सांसू त् भ्‍वोर

    बिसगणि बिसैकि सै उकळी जैलि उकाळ एक न एक दिन सांसू त् भ्‍वोर जाग मा च मयेड़ बैठीं देळी मा…

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  • Chola-Badal: Review

    Chola-Badal: Satire on Blind Followership of Political Leaders Critical review of Garhwali satirical proseCritical Review of Garhwali Satirical prose written…

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  • हाइकू

    1 बोगठ्या काळू हो चा गोरु दोष नि मिटण त् क्य फैदू 2 पळ्नथरा ढुंगौं पर बि पळ्येक खुंडा होणान्…

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  • हाइकू

    १ दूध्याळूं थैं दूद नि अर गणेश- गंडेळ होणान् २ भग्यान खै नि जाणनान् अभागी ब्वन्नु मैं बि भग्यान होंदू…

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  • हाइकू

    १सरकरी नौकरीखुणि पाड़ी वकै देसी २ गैरसैंण मा मजमा देरादूण मा थौळ

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  • कब टूटलि जग्वाळ…

    जुग जन्‍मूं बिटि छै जग्‍वाळ ऐंसू आलि बग्‍वाळ, त म्‍यरा घौर बोण, गौं गुठ्यार, मुल्‍क देश बळै जाला रांका, छिल्‍ला…

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  • गढ़वाली कहावतें/लोकोक्तियां 06

    ख्वों न खौं बल चौबटा मा रौं आत्मा बैरि बल गिच्चूा औ खुंड बल म्यारा मुंड असमौ मास बि मळसा…

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